Thursday, October 28, 2010

मेरे ब्लॉग के साथियों,

मेरे ब्लॉग के साथियों,

मेरे पिछले तीन ब्लोग्स मे जो भी आप ने पढ़ा, वो मेरा एक प्रयत्न था की एक पुरुष , किसी महिला की भावनाओं  को, उसकी मनः स्तिथि को कितना और किस तरह समझता है .... पता नहीं मै कितना कामयाब  हुआ.

कृपया अपने कमेंट्स से मुझे बताएं की क्या कमी थी और कहाँ मुझे और मेहनत करनी है.

  

2 comments:

एस.एम.मासूम said...

अच्छा लिखते हैं और ऐसे ही लिखते रहें,

JAGDISH BALI said...

You write so well.